अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
गौरवग्रंथ
दोहे रचनाएँ भेजें नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन
हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

 


AnauBaUit maoM jaOnana p`saad kI rcanaaeM —

kivataAaoM maoM—
ek naarI
kOsao Baulaa}M tumhoM
KD,a}M
gauÉ dixaNaa
caIr hrNa
maClaI 
maora mana
ravaNa yaa rama

hasya vyaMgya maoM—
]zao jaI
ek naota
JaUz
baOz jaaAao

 

caIrhrNa

hMsa rho hOM Aaja
k[- duSaasana.
d`aopdI kao inavas~ doK.
AaOr Jauko hue hOM
gad-na vaIraoM ko.
saaoca rhoM hOŃ
[sa AaQauinak jauga maoM
kOsao vaar kroM
tIraoM ko.
caIKtI hu[- ]sa
Abalaa kI pukar ka dd-
saBaI kao Kla rha hO.
Aaja kRYNa kI jagah
laaogaaoM maoM
duyaao-Qana pla rha hO.

1 frvarI 2006

 

इस कविता पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे रचनाएँ भेजें
नई हवा
पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।