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मानोशी चैटर्जी

जन्म-
१६ जनवरी १९७३ को कोरबा छत्तीसगढ़ भारत में।

शिक्षा-
स्नातकोत्तर रसायन शास्त्र व बी एड। गायन में विशारद।

कार्य क्षेत्र-
शिक्षिका

साहित्यिक जीवन-
स्थानीय पत्र-पत्रिकाओं में लेख व कविताएँ प्रकाशित। संप्रति कैनाडा में निवास, साहित्य के अतिरिक्त शास्त्रीय संगीत व ग़ज़ल गायन में रुचि। आकाशवाणी से ग़ज़लें प्रसारित।

ई मेल: cmanoshi@gmail.com

  अनुभूति में मानोशी चैटर्जी की रचनाएँ-

नए गीतों में-
पतझड़ की पगलाई धूप
बदले नयन
शीत का आँचल
शेष समय 

अंजुमन में—
अपनी निशानी दे गया
कोई तो होता
लाख चाहें
ये जहाँ मेरा नहीं है
हज़ार किस्से सुना रहे हो

गीतों में

होली गीत 

कविताओं में—
आज कुछ माँगती हूँ प्रिय
एक उड़ता ख़याल–दो रचनाएँ
कुछ जीर्ण क्षण
चलो
चुनना
ताकत
पुरानी बातें
मेरा साया
लौ और परवाना
स्वीकृति

संकलन में—
दिये जलाओ- फिर दिवाली है
होली है- गुजरता है वसंत
फागुन के रंग- मौसमी हाइकु

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