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जयशंकर प्रसाद

जन्म: ३० जनवरी १८९० को वाराणसी में। भारतीय इतिहास, संस्कृति, दर्शन, साहित्य और पुराण कथाओं का एकनिष्ठ स्वाध्याय।

छायावादी कविता के चार प्रमुख स्तंभों में से एक। एक महान लेखक के रूप में प्रख्यात। विविध रचनाओं के माध्यम से मानवीय करुणा और भारतीय मनीषा के अनेकानेक गौरवपूर्ण पक्षों का उद्घाटन।

विस्तार में-- 

  अनुभूति में जयशंकर प्रसाद की अन्य रचनाएँ-

गीतों में-
जाग री
ले चल वहाँ भुलावा देकर
हिमाद्रि तुंग शृंग से
निर्वेद

संकलन में-
गाँव में अलाव में - हरित किसलय
मेरा भारत - अरुण यह मधुमय देश
प्रेमगीत- तुम कनक किरन

 

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