अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
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AnauBaUit maoM savao-Svar dyaala sa@saonaa kI rcanaaeM 

AMQaoro ka mausaaifr
ek saUnaI naava
tumharo ilayao
paosTmaaT-ma kI irpaT-
rat maoM vaYaa-
vyaMgya mat baaolaao
ivavaSata
SauBakamanaaeĐ
saba kuC kh laonao ko baad
sauraoM ko saharo

saMklana maoM 

gaaMva maoM Alaava – jaaD,o kI QaUp
ipta kI tsvaIr–idvaMgat ipta ko p`it
nayaa saala–SauBakamanaaeM

xaiNakaAaoM maoM 

vasaMt samap-Na AaEaya

savao-Svar dyaala sa@saonaa ka pircaya

 

paosTmaaT-ma kI irpaoT-

gaaolaI Kakr
ek ko maĐuh sao inaklaa–
'rama'.

dUsaro ko maĐuh sao inaklaa–
'maaAao'.

laoikna
tIsaro ko maĐuh sao inaklaa–
'AalaU'.

paosTmaaT-ma kI irpaoT- hO
ik phlao dao ko poT
Baro hue qao.

 

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