अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
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AnauBaUit maoM sauBaaYa Kro kI rcanaaeM

AMjaumana maoM
yao maorI badnasaIbaI
dastanao ga,ma

kivataAaoM maoM—
pirvat-na
Ba`ma
]ma`
vyaapar
AaSaa

 

vyaapar

duinayaa ko baajaar maoM
jahaM vah KalaI jaoba laokr Aayaa qaa
tmaama KrIdarI ko baad
ihsaaba lagaayaa ik
@yaa Kaoyaa @yaa payaa qaa
saMbaMQaaoM ko maaolaBaava
saMvaodnaaAaoM kI ibaËI
AaOr kt-vyaaoM ka vajana krayaa qaa
yaa saara samaya gaMvaayaa qaa.

 

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