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चोर चोर मौसेरे भाई

चुनाव हर बात का निदान नहीं
सत्ता में ठीक ठीक कौन है
इसका जवाब न चुनाव देते हैं
न चुनाव के विजेता
जो नयी सरकार चुनाव के बाद आई
वह भी खँगालना नहीं चाहती
मिनिस्टरों के खाते
तो वह आखिर आई क्यों?
क्या केवल नयी धर्मांधिता लेकर आई नयी सरकार?
एक नया कट्टर धर्मांध साधु दल
पहले वाली
अपीज़मेंट की पुरानी अंग्रेजी नीति के तहत
अल्प संख्यकों के त्यौहार मनाती बैठी थी
ऐसा करें
हम टेलीविज़न पर बाँट लें समय
राजनेता, इमामों और साधुओं के बीच
जनता तो कहीं अफीम खाए पड़ी है
जब मौसम हत्याएँ करता है
उसके भयाक्रांत चेहरे टेलीविज़न पर दिखते हैं
अँगूठा छाप से साक्षरता की दूरी
बेमतलब तय करते जनतंत्र में...

१ दिसंबर २०१५

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