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डॉ. जितेन्द्र वशिष्ठ

जन्मः २३ अगस्त, १९५३ - कपूरथला (पंजाब) में। पिता खुशी राम वाशिष्ठ हरियाणा के राज्य-कवि। 'आधुनिकता के संदर्भ में मिथकों का प्रयोग : १९५० से १९७५ तक की हिन्दी कविता में' विषय पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पी-एच.डी. की उपाधि।

कविता की पहली पांडुलिपि 'चाँद की आग' को १९७७ में हरियाणा का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार। पुरस्कृत युवतम कवि। १९८३ में पहला कविता-संग्रह 'बीसवीं सदी का कीट्स' प्रकाशित। १९९९ में डा रामन नायर द्वारा मलयालम में अनूदित कविताओं का एक संग्रह 'ओरू वडक्कन काट्टे' (एक झोंका उत्तर का) प्रकाशित। हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित सभी महत्वपूर्ण काव्य-संकलनों में रचनाएं सम्मिलित। ४०-५० रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। हिन्दी के अलावा पंजाबी में भी काव्य-लेखन तथा अनुवाद।

संप्रति: आकाशवाणी में हिन्दी अधिकारी।

 

अनुभूति में डॉ. जितेन्द्र वशिष्ठ
की रचनाएँ -

अंजुमन में-
आज फिर
त्योहारों के आने पर
बच्चों का दीवार पे लिखना
बस यों ही

 

 

 

 

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