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अनुभूति में अशोक चक्रधर की रचनाएँ-

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कविताओं में-
बहुत पहले से भी बहुत पहले

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जंगल गाथा
तमाशा
समंदर की उम्र
हँसना रोना
हम तो करेंगे
और एक पत्र - फ़ोटो सहित

स्तंभ-
समस्यापूर्ति

संकलन में-
नया साल-सुविचार

 

समंदर की उम्र

लहर ने समंदर से
उसकी उम्र पूछी
समंदर मुस्करा दिया
लेकिन जब बूँद ने
लहर से उसकी उम्र पूछी
तो लहर बिगड़ गई
कुढ़ गई चिढ़ गई
बूँद के ऊपर ही चढ़ गई
और. . .मर गई!

बूँद समंदर में समा गई
और. . .समंदर की उम्र बढ़ा गई!

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।