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कविता
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नेता एक : रंग अनेक

(1)
नेता जी के लिए
अनुदान
वरदान।

(2)
नेता जी
जब-जब
विदेश गए
एक, दो, तीन, चार-
केस कर गए।

(3)
नेता जी ने अपना
दूसरा रूप दिखाया
जहाँ-जहाँ गए,
वहाँ-वहाँ खाया।

(4)
नेता जी
संकट की घड़ी में
ताल मेल, बिठाते हैं,
ब्रीफकेस,
दिखाते हैं।

(5)
नेता जी
जब-जब चुप हुए
पार्टी में
ग्रुप हुए।

(6)
नेता जी
जब भी
इस पलड़े से
उस पलड़े में बैठे
कई करोड़ ऐंठे।

(7)
नेता जी
जब-जब मुस्कराए
चुनाव आए।

1 अप्रैल 2007

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