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अनुभूति में चक्रधर शुक्ल की रचनाएँ-

हास्य व्यंग्य-
आधुनिकता छै छोटे व्यंग्
तीन छोटी कविताएँ (रामकथा से)
राजनीति- कुछ छोटी कविताएँ

क्षणिकाओं में-
रंगः चार क्षणिकाएँ
नेता एक : रंग अनेक

कविताओं मेँ-
आग का लगना
कविता
पिच का कमाल
समय

 

 

राजनीति- कुछ छोटी कविताएँ

दमकल

अग्नि शमन मशीन
जब आग नहीं बुझा पाई
तब विपक्षी नेता ने
अपनी प्रतिक्रिया
कुछ इस तरह दिखाई
दोस्तों -
''ये आग
आज नहीं बुझा पाएगी
क्योंकि इसमें दम
कल आएगी।''

नेता और कुत्ता

अपनी बला
उसके सर डाल रहे हो
नेता हो के -
कुत्ता क्यों पाल रहे हो?

सच

जी हाँ
ये सच है!
साहित्यकार जब मरता है
अख़बार के
एक कोने में छप जाता है।
नेता मरकर भी
पूरा पेज खा जाता है।

झटके

नेता जी
इस चुनाव में
गली-गली भटके,
जनता को मौका मिला
दिए खूब झटके
नेता जी लटके।

चुनाव परिणाम

जिसने विकास किया
उसकी
पौ बारह थी
जिसने कुछ किया नहीं
उसकी पोजीशन
नौ-दो ग्यारह थी।

बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण

बाढ़ का
हवाई सर्वेक्षण करते हुए/बगल में बैठी
मंत्री जी की मंगेतर ने कहा
''प्रियतम
ऐसे मनोरम दृश्य
ये बाढ़ दिखलाती रहे
और आप
जब, तक मंत्री रहें
ये मुई बाढ़
हर वर्ष आती रहे।''

1 अप्रैल 2007

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।