अंजुमनउपहारकाव्य संगमगीतगौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहे पुराने अंक संकलनअभिव्यक्ति कुण्डलियाहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतर

AnauBaUit maoM basaMt Aaya- 
kI rcanaaeM

nayaI kivataeM—
kcara
caar mau@t Cnd
dao xaiNakaeM
naota ka naja,iryaa
badlaava
maora ku%ta
safodI ka raja,

Aa[naa 
kaOna hao tuma
naota jaI ka iTkT
maora ek sapnaa hO
rasta

 

 

  badlaava

phlao vao¸
[na baokar kI baataoM maoM
va> jaayaa krnaa
maUK-ta samaJato qao.
prMtu
kuC idnaaoM sao
ibalakula badla gayao hOM.
prsaaoM vao
gaaMQaI kI samaaiQa pr
Dala rho qao kImatI [~
AaOr kla
Sahr ko caaOraho pr
]nhaoMnao TMgavaa idyaa hO
]naka ek ivaSaala ica~.
Aaja vao naoh$ kI maUit- pr
fUla maalaa caZayaoMgao
AaOr kla baaZ,ga`st xao~aoM ko
daOroo pr jaayaoMgao
savaala ]zta hO
AaiKr @yaaoMÆ
vao garIbaaoM ko ilae
[tnaa @yaaoM kr rho hOM
tao saunaa hO [sa saala vao
caunaava laD, rho hOM.

 

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter