अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
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AnauBaUit maoM basaMt Aaya- 
kI rcanaaeM

nayaI kivataeM—
kcara
caar mau@t Cnd
dao xaiNakaeM
naota ka naja,iryaa
badlaava
maora ku%ta
safodI ka raja,

Aa[naa 
kaOna hao tuma
naota jaI ka iTkT
maora ek sapnaa hO
rasta

 

 

  badlaava

phlao vao¸
[na baokar kI baataoM maoM
va> jaayaa krnaa
maUK-ta samaJato qao.
prMtu
kuC idnaaoM sao
ibalakula badla gayao hOM.
prsaaoM vao
gaaMQaI kI samaaiQa pr
Dala rho qao kImatI [~
AaOr kla
Sahr ko caaOraho pr
]nhaoMnao TMgavaa idyaa hO
]naka ek ivaSaala ica~.
Aaja vao naoh$ kI maUit- pr
fUla maalaa caZayaoMgao
AaOr kla baaZ,ga`st xao~aoM ko
daOroo pr jaayaoMgao
savaala ]zta hO
AaiKr @yaaoMÆ
vao garIbaaoM ko ilae
[tnaa @yaaoM kr rho hOM
tao saunaa hO [sa saala vao
caunaava laD, rho hOM.

 

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