प्रत्येक सोमवार को प्रकाशित
 पत्र व्यवहार का पता

अभिव्यक्ति तुक-कोश

१५. ११. २०१५

अंजुमन । उपहार । काव्य संगम । गीत । गौरव ग्राम । गौरवग्रंथ । दोहे । पुराने अंक । संकलन । अभिव्यक्ति
कुण्डलिया । हाइकु । अभिव्यक्ति । हास्य व्यंग्य । क्षणिकाएँ । दिशांतर । नवगीत की पाठशाला । रचनाकारों से

बाग वाला दिन

 

111

उदासी में खुशी की
आस वाला दिन
आज फिर बाग वाला दिन

मधुर छनती
झर रही यह धूप सर्दी की
याद आती चाय
अदरक और हल्दी की
पाँव के नीचे
नरम है दूब मनभावन
चुभ रही फिर भी
हवाएँ कड़क वर्दी सी

बरोसी में सुलगती
आग वाला दिन
आज फिर बाग वाला दिन

खींच कर
आराम कुर्सी एक कोने में
तान दी लंबी दुपहरी
सुस्त होने में
रह गए यों ही पड़े
जो काम करने थे
गुम रहे हम अपने भीतर
आप होने में

सुगंधों में उमगती
याद वाला दिन
आज फिर बाग वाला दिन

- पूर्णिमा वर्मन

इस पखवारे

गीतों में-

bullet

पूर्णिमा वर्मन

अंजुमन में-

bullet

जय प्रकाश मिश्र

छंदमुक्त में-

bullet

मधु संधु

गद्य कविता में-

bullet

मनु मनस्वी

पुनर्पाठ में-

bullet

रवीन्द्र भ्रमर

पिछले पखवारे
१ नवंबर २०१५ को प्रकाशित
दीपावली विशेषांक में

गीतों में- अनुराग तिवारी, अश्विनी कुमार विष्णु, अशोक शर्मा, आभा खरे, उमा प्रसाद लोधी, कुमार गौरव अजीतेन्दु, कुमार रवीन्द्र, कृष्ण भारतीय, परमजीत कौर रीत, प्रदीप शुक्ल, भारतेन्दु मिश्र, भावना तिवारी, मानोशी चैटर्जी, बसंत कुमार शर्मा, रंजना गुप्ता, रमेश राज, रविशंकर मिश्र रवि, राजेन्द्र वर्मा, रामेश्वर प्रसाद सारस्वत, रावेन्द्र कुमार रवि, शशि पाधा, संजीव वर्मा सलिल, सीमा अग्रवाल, सीमा हरि शर्मा, सुरेश पांडा, हरिवल्लभ शर्मा, त्रिलोक सिंह ठकुरेला। अंजुमन में- अमित वागर्थ, आभा सक्सेना, कल्पना रामानी, सुरेन्द्रपाल वैद्य, संजू शब्दिता, छंदमुक्त में- उमेश मौर्य, मंजु गुप्ता, मंजुल भटनागर, सरस दरबारी, सरस्वती माथुर, सविता मिश्रा। छंदों में- कल्पना-मिश्रा-वाजपेयी-, ज्योतिर्मयी पंत, टीकमचंद ढोडरिया, प्रभु त्रिवेदी, पवन प्रताप सिंह पवन।

अंजुमन । उपहार । काव्य संगम । गीत । गौरव ग्राम । गौरवग्रंथ । दोहे । पुराने अंक । संकलन । हाइकु
अभिव्यक्ति । हास्य व्यंग्य । क्षणिकाएँ । दिशांतर । नवगीत की पाठशाला

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है।

Google
Loading
प्रकाशन : प्रवीण सक्सेना -- परियोजना निदेशन : अश्विन गांधी
संपादन¸ कलाशिल्प एवं परिवर्धन : पूर्णिमा वर्मन

सहयोग :
कल्पना रामानी