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ब्रजकिशोर वर्मा 'शैदी'

 

अनुभूति में ब्रजकिशोर वर्मा 'शैदी' की रचनाएँ-

अंजुमन में-
चुप था
जिस पर पैनी धार नहीं है
तुमने गर अपनाया होता
मुझको यह अहसास
सोच रहे सब

दोहों में-
वंशज अमृत-पुत्र के

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