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खिलाड़ी

गज़ब-सा खेल है यह
इसमें खिलाड़ी हवा में गुलाटी लगाता है
फिर सीधे पाँव खड़ा हो जाता है डंडे की तरह
बेहद कठिन है यह
इसलिए लोग खड़े हैं इसे देखने
रोमांच जाग पड़ता है सबों के शरीर में
कई बार तो लगता है
वह ठीक से नहीं कर पाएगा इस खेल को
तुड़वा बैठेगा अपनी हड्डियाँ
और गिर जाएगा कमर के बल टेढ़ा होकर
लेकिन सबकी इच्छा है
वह कभी गिरे नहीं
खेल उसका चलता रहे।
सांस रुक जाती है लोगों की
जब वह लगभग ज़मीन छूने को होता है
और ज़मीन छूते ही वापस शुरू कर देता है
अपने खेल को।
आनंद उतर आता है दर्शकों में
सभी थोड़े-थोड़े रुपए उसे दे देते हैं
हालाँकि वह किसी से कुछ नहीं माँगता
सिर्फ़ सारा ध्यान केंद्रित करता है खेल में।

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