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इंतजार

इंतज़ार
प्यार से ज़्यादा ज़िन्दा होता है
जब शरीर का एक-एक कंपकंपाता रेशा
मन की एक एक अनिश्चितता
धमनियों का एक एक स्पंदन
अधीर होता है
सबसे बाहरी कक्षा से बाहर झांकता
ये सब
बिल्कुल वैसा नहीं होता
जब तुम मेरे पास होते हो
या बाहों में भी
प्यार इंतज़ार है
और इंतज़ार में
तुम सबसे ज़्यादा ज़िंदा होते हो

३० जनवरी २०१२

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