अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में तसलीम अहमद की रचनाएँ-

नई रचनाएँ-
अंतर
एस्केलेटर
फ़ोन
शौहर बीवी

मुक्त छंद में-
परिचय
ज़िंदगी
मेरा गाँव
शादी
जीवन साथी

  मेरा गाँव

मुझे नहीं चाहिए-
एक कमरे की ज़िंदगी,
सुबह-शाम का पानी,
साढ़े आठ बजे का अलार्म,
मशीन का दूध,
पलंग के नीचे रसोई,
पड़ोस का सन्नाटा,
ऊपरी मंज़िल का शोर,
गली की किच-किच।
वाकई, नहीं चाहिए मुझे-
जोश भरे पल भर के रिश्ते,
मतलब की दोस्ती,
जल्दी की दुआ-सलाम,
ऑफ़िस की जल्दी,
बसों की भीड़,
स्टैंड की उदासी,
रेंगती कारों का रेला,
मुर्दा दिलों का मेला,
और...
धुएँ से लिपटी शाम की बेला।
नहीं सहन होता मुझसे-
देर का सोना,
नींद में रोना,
उम्मीदों का मरना,
खुद से डरना,
क्यों...
अखबार की हेडलाइंस,
टीवी का सुर्खियाँ,
नहीं चाहिए...नहीं चाहिए...नहीं चाहिए
मुझे यह शहर,
पर, मेरा गाँव...?

२१ अप्रैल २००८

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter