पत्र व्यवहार का पता

अभिव्यक्ति तुक-कोश

१. ८. २०१७

अंजुमन । उपहार । काव्य संगम । गीत । गौरव ग्राम । गौरवग्रंथ । दोहे । पुराने अंक । संकलन । अभिव्यक्ति
कुण्डलिया । हाइकु । अभिव्यक्ति । हास्य व्यंग्य । क्षणिकाएँ । दिशांतर । नवगीत की पाठशाला । रचनाकारों से

झंडा ऊँचा रहे हमारा

 

 

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

सदा शक्ति बरसाने वाला,
प्रेम सुधा सरसाने वाला
वीरों को हरषाने वाला
मातृभूमि का तन-मन सारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

स्वतंत्रता के भीषण रण में,
लखकर जोश बढ़े क्षण-क्षण में,
काँपे शत्रु देखकर मन में,
मिट जावे भय संकट सारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

इस झंडे के नीचे निर्भय,
हो स्वराज जनता का निश्चय,
बोलो भारत माता की जय,
स्वतंत्रता ही ध्येय हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

आओ प्यारे वीरों आओ,
देश-जाति पर बलि-बलि जाओ,
एक साथ सब मिलकर गाओ,
प्यारा भारत देश हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

इसकी शान न जाने पावे,
चाहे जान भले ही जावे,
विश्व-विजय करके दिखलावे,
तब होवे प्रण-पूर्ण हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

- श्यामलाल गुप्त पार्षद

इस माह
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर

गीतों में-

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अश्विनी कुमार विष्णु

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उर्मिलेश

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कल्पना रामानी

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गोपाल प्रसाद व्यास

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चंद्रसेन विराट

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जयकृष्ण राय तुषार

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जयशंकर प्रसाद

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नरेन्द्र शर्मा

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परमानंद जाडिया

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पूर्णिमा वर्मन

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रामनरेश त्रिपाठी

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श्रीकृष्ण सरल

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श्रीधर पाठक

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रामावतार त्यागी

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श्यामलाल गुप्त पार्षद

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सजीवन मयंक

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सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

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सोहन लाल द्विवेदी

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स्नेहलता स्नेह

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हरिवंश राय बच्चन

अंजुमन में-

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शरद तैलंग

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सत्यपाल ख़याल

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संध्या सिंह

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सीमा हरिशर्मा

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सुवर्णा दीक्षित

दोहों में-

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ज्योतिर्मयी पंत

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ज्योत्सना शर्मा

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रघुविन्द्र यादव

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सुबोध श्रीवास्तव

घनाक्षरी में-

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मेघश्याम मेघ

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राम शिरोमणि पाठक

सवैया में-

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पवन प्रताप सिंह 'पवन'

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संपादन¸ कलाशिल्प एवं परिवर्धन : पूर्णिमा वर्मन

सहयोग :
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