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अनिल मिश्रा

लखनऊ विश्वविद्यालय के परास्नातक स्वर्ण पदक एवं डॉ वाधवा स्मारक स्वर्ण पदक से सम्मानित डॉ अनिल मिश्र अन्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित, प्रसारित तथा पुरस्कृत बहुभाषीय कवि, लेखक एवं वक्ता हैं। डॉ मिश्र ने हिंदी, भोजपुरी तथा अंग्रेजी में कई पुस्तकों का प्रणयन किया है।

राष्ट्रीय तथा अन्तराष्ट्रीय सम्मान के अतिरिक्त डॉ मिश्र पर सन २००१ में लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ में ‘डॉ अनिल मिश्र की साहित्य साधना’ विषय पर शोध भी हो चुका है।

ईमेल- dranilkmishra@gmail.com  

 

अनुभूति में अनिल मिश्रा की रचनाएँ-

गीतों में-
छू दिया तुमने अचानक
छोटी सी यह बात
गा न गा कोकिल
गोरी गोरी धूप
चौराहे पर
धीरे धीरे शाम

अंजुमन में-
आज तक सबने मुझे
इंकलाबी हाथ को
फूल की खुशबू
बेखुदी में यों उधर रहे
महकती संदली यादें


 

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