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विमलेश त्रिपाठी

जन्म- बक्सर, बिहार के एक गाँव हरनाथपुर में।

शिक्षा- प्रेसिडेंसी कॉलेज से स्नातकोत्तर, कलकत्ता विश्वविद्यालय में शोधरत।

कार्यक्षेत्र-
देश की लगभग सभी पत्र-पत्रिकाओं में कविता, कहानी, समीक्षा, लेख आदि का प्रकाशन।

प्रकाशित कृतियाँ-
कविता संग्रह- हम बचे रहेंगे, एक देश और मरे हुए लोग।
कहानी संग्रह- अधूरे अंत की शुरुआत
उपन्यास- कैनवस पर प्रेम

पुरस्कार व सम्मान-
सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन की ओर से काव्य लेखन के लिए युवा शिखर सम्मान। कहानी संग्रह अधूरे अंत की शुरूआत पर युवा ज्ञानपीठ नवलेखन पुरस्कार। भारतीय भाषा परिषद का युवा पुरस्कार, सूत्र सम्मान और राजीव गाँधी एक्सिलेंट पुरस्कार।

संप्रति-
कोलकाता में परमाणु ऊर्जा विभाग के एक यूनिट में कार्यरत।

चिट्ठा: अनहद

ईमेल: bimleshm2001@yahoo.com

 

अनुभूति में विमलेश त्रिपाठी की रचनाएँ—

नयी रचनाओं में-
एक कविता इस तरह
झूठ मूठ समय के बीच
तुम्हारी हँसी से
तुम्हारी वजह से ही
भोपाल में बारिश
यदि तुम ईश्वर बनना चाहते हो

छंदमुक्त में-
आखर रह जाएँगे
तुम्हारे लिये एक कविता
तुमसे (एक)
तुमसे (दो)
देह की भाषा
बात यहीं खत्म नहीं होती


 

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