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डॉ. विनोद निगम

जन्म॰॰ अगस्त १९४४ बाराबंकी उ.प्र.
पिता॰॰ स्व.श्री बनारसी लाल निगम
माता॰॰ स्व.श्रीमती वनदेवी निगम

शिक्षा॰॰ बी.एस.सी. एम.काम. एम.ए. (हिन्दी) पीएच.डी.

रुचि॰॰ कविता एवं पत्रकारिता। देश की सभी प्रमुख पत्र॰पत्रिकाओं में गीतों का प्रकाशन। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से प्रसारण। लाल किले के मंच से काव्य पाठ। प्रारम्भ में पत्रकारिता , नवभारत टाइम्स बम्बई, देशबन्धु जागरण भोपाल का प्रतिनिधित्व। स्कूल में ६ वर्ष एवं महाविद्यालय में ३६ वर्ष अध्यापन।

स्वतन्त्र काव्य संकलन- जारी हैं लेकिन यात्राएँ , अगली सदी हमारी होगी।
समवेत संकलन॰ नवगीत दशक॰३, नवगीत अर्द्धशती, स्वान्तः सुखाय,श्रेष्ठ हिन्दी गीत संचयन।

ईमेल-
nigamvinod@ymail.com
 

अनुभूति में डॉ. विनोद निगम की रचनाएँ

गीतों में-
अभी बरसेंगे घन
उनको लोग नमन करते हैं
एक और गीत का जनम हो
क्यों कि शहर छोटा है
खुली चाँदनी का गीत
घटनाओं के मन ठीक नहीं हैं
छंदों के द्वार चले आए
टूट गया एक बार फिर
यह क्या कम है
सबकी उड़तीं अलग ध्वजाएँ


 

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