अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
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AnauBaUit maoM rMjanaa saaonaI kI rcanaaeM—

nayaI kivataeM—
kma- AaOr saMGaYa-
nava vaYa-
ptJaD,I Saama
barKa bahar
BaagaIrqaI
mamata
savaala

kivataAaoM maoM—
gaunagaunaI QaUp
bacapna
bayaar
Baava
maQauyaaimanaI
Sard ?tu

 

bacapna

baccao hOM
baigayaa kI ittlaI
AaMgana kI bahar.
kaoyala kI
kUk saI
iklakairyaaM
imaEaI kI DlaI saI
baatoM PyaarI
[nakI tsvaIroM
baad mao kroMgaI tajaa
yaad puranaI.

phlaa Sabd
vaao mauskana
jaba Dalaa
phlaa kdma¸
[nakI hrisaMgaar
ko fUlaaoM saI
JartI baoifË hMsaI
yaad idlaa jaatI
hmaara bacapna.

 

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