अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
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AnauBaUit maoM rMjanaa saaonaI kI rcanaaeM—

nayaI kivataeM—
kma- AaOr saMGaYa-
nava vaYa-
ptJaD,I Saama
barKa bahar
BaagaIrqaI
mamata
savaala

kivataAaoM maoM—
gaunagaunaI QaUp
bacapna
bayaar
Baava
maQauyaaimanaI
Sard ?tu

 

Baava

Baava hO mana kI
dIGa- vyaa#yaa¸
[sako saagar mao hO
]_ama lahraoM
ka ]Cala.
AMdr kI saMgaIt
kllaaoilat sairta
Baava hI AiBavyai@t hO
vyai@t ko
ivacaar trMga kI .
ihmaiSaKr sao
igarta Jarnaa hO
AnakhI baataoM ka
maugQa )dya saaOndya- ka
AaOr jaIvana ko
dSa-na ka dp-Na BaI
hO Baava.

 

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