अंजुमन उपहार । कविकाव्य चर्चा काव्य संगम किशोर कोना गौरव ग्राम
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AnauBaUit maoM rMjanaa saaonaI kI rcanaaeM—

nayaI kivataeM—
kma- AaOr saMGaYa-
nava vaYa-
ptJaD,I Saama
barKa bahar
BaagaIrqaI
mamata
savaala

kivataAaoM maoM—
gaunagaunaI QaUp
bacapna
bayaar
Baava
maQauyaaimanaI
Sard ?tu

 

bayaar

BaavanaaAaoM kI
gama- bayaar
hvaa mao BaI hO
icanaicanaahT.
]YNata baZ,I
JakJaaor idyaa
AvanaI ko JaMJaavaataoM nao.
Jaulasa gayaa mana
isnagQata gayaI Jaulasa
hao gayaI ivar@t hMU
saaMsaairk banaava sao.
gamaI- ka pvana
tpna ka maaOsama.
maaoh naYT hao rha
hao rha ivalagaava
kRi~ma lagaava sao.
riva ko $p p`caMD
doK rhI yao AaMKo
Ambar kao
kba AatI irmaiJama fuharoM.

 

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