अंजुमनउपहारकाव्य संगमगीतगौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहे पुराने अंक संकलनअभिव्यक्ति कुण्डलियाहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतर

AnauBaUit maoM rMjanaa saaonaI kI rcanaaeM—

nayaI kivataeM—
kma- AaOr saMGaYa-
nava vaYa-
ptJaD,I Saama
barKa bahar
BaagaIrqaI
mamata
savaala

kivataAaoM maoM—
gaunagaunaI QaUp
bacapna
bayaar
Baava
maQauyaaimanaI
Sard ?tu

 

Sard ?tu

Sard kI sauYamaa
naIla–Qavala
sfiTk saa AasamaaM
kmala–kumaudnaI ka samaaM.
sauQaa barsaatI caaMdnaI
]tr AayaI hO
maoro AaMgana maoM.
kMganaa bana
Knak–Knak
toro hI gaIt
gaatI hO.
caaMdI ko phnao payala
caaMdI ko phnao JaUmako
maora EaRMgaar sajaatI hO.
caaMd kI ]ma` rat
Bar hI sahI
laoikna¸
ek tD,p–ek kiSaSa
ta ]ma```` jagaatI hO.

 

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter