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अनुभूति में प्रो. 'आदेश' हरिशंकर
की रचनाएँ-

कविताएँ-
अमल भक्ति दो माता
आया मधुमास
एक दीप
चन्दन वन
जीवन
जीवन और भावना

धरती कहे पुकार के
नया उजाला देगी हिन्दी
प्रश्न
मृत्यु
रश्मि जगी
लौट चलो घर
वन में दीपावली
विहान हुआ
संपूर्ण
सरस्वती वंदना

संकलन में-
ज्योतिपर्व  - दीपक जलता
          - मधुर दीपक
          - मत हो हताश
मेरा भारत  - मातृभूमि जय हे
जग का मेला -चंदामामा रे
नया साल   -
शुभ हो नूतन वर्

 

जीवन और भावना

भावना का नाम जीवन।
नित्य निर्मल प्यार की
आराधना का नाम जीवन।।

कल्पनाओं के मनोरम,
नीड़ का निर्माण कर के।
प्राण में पावन प्रणय के,
मिलन का निर्वाण भर के।

सत्य, शिव, सौन्दर्य की शुचि
साधना का नाम जीवन।।

सुख मिले, हँसता रहे मन,
दु:ख मिले, हँसता रहे मन,
हो निराश ही निराशा,
किन्तु हो विचलित नहीं मन।

हर दशा में प्रगति की चिर
कामना का नाम जीवन।।

कौन है अपना - पराया,
है नियति की मात्र माया।
सत्य है शाश्वत अखंडित,
दृश्य सत की मात्र छाया।

विश्व में आत्मत्त्व की सद
भावना का नाम जीवन।।

(देव और दानव काव्य संग्रह से)

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।

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