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अनुभूति में
डॉ.
कृष्ण कन्हैया की रचनाएँ -
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विवेक
जब
विवेक की चिडिया
दिमागी खेत में
बुद्धि की चोंच से
हासिल का दाना
चुगती है
तब यह
सुनिश्चित होता है कि
उपलब्धि की हस्ती
तिनका-तिनका
भविष्य राशिः में
कैसे जोडेगा ?
ताकि
खोपडी के अंदर
एक दृढ. घोसला
विवेक के लिए
आपना ठिकाना
पुख्ता कर सके !
२६ मार्च
२०१२
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