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  चार फुलझड़ियाँ

रूप

सफ़ेद खादी में
लक्ष्मी का रंग काला
उनकी दीवाली में
देश का दीवाला

किस्मत

दीवाली में
फाकाकशी का
दौर चल रहा है
दिया किस्मत वाला है
जो घी से
जल रहा है

नेता

देश के लिए
भारी है
इच्छाधारी है

नसीब

डेयरी के मज़दूर का
कैस नसीब है
पाँचों उँगलियाँ
घी में
फिर भी गरीब है।

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है