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  कुछ परिभाषाएँ

लुगाई का लोग
कर्मों का भोग
लोग की लुगाई
समझो मुसीबत आई,

पति की पत्नी
पर कतरनी,
पत्नी का पति
मारी गई मति

हजबैंड की वाइफ
टेंशन में लाइफ़
वाइफ का हज़बैण्ड,
बेलन से बाजे बैंड,

सजनी का साजन
बना कोपभाजन,
साजन की सजनी
मनभर वजनी

गुलाम की जोरू
बड़ी कानफोडू
जोरू का गुलाम
समझो काम तमाम

कविता खतम
राम-राम।

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9 –16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है