अंजुमनउपहारकाव्य संगमगीतगौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहे पुराने अंक संकलनअभिव्यक्ति कुण्डलियाहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतर

अनुभूति में महेशचंद्र द्विवेदी की
रचनाएँ -

नई रचनाएँ-
अनस्तित्व का सत्यापन
अवसाद
तुम

छंदमुक्त में
आतुर आकाश
ऊर्जा का स्पंदन
एंटी वर्ल्ड
एक नास्तिक का स्वत्व
गणतंत्र की आत्मा
चिता का प्रकाश
जब जब आएगा सावन
तेरा यह रोम रोम
नौकरी का विज्ञापन
प्रवासी चिन्ता
पंछी की परछाँई
ब्रह्मांड में तारतम्य
भीमबैठका के भित्तिचित्
मैं वह बादल हूँ
युवमन
यह मन क्या है

वृत्तस्वरूप संसार
शरत की कथाओं की तरह
शापित सा मन

हास्य व्यंग्य में
मोनिका को रोना क्यों आता है
लाइलाज मर्ज़
हॉट ब्लोअर
डेंगू
हाकिम सस्पेंशन में है

संकलन में
होली है-
होली पर रक्षाबंधन

  एंटी वर्ल्ड

ऐंटी वर्ल्ड इस संसार की विपरीत छाया है
प्रकृति ने ब्रह्माण्ड के पार उल्टा बनाया है
दोनों वर्ल्ड के बीच है एक ऐसा कठोर पट
जिसके पार आज तक न कोई जा पाया है

वैज्ञानिकों ने बड़ी खोज के बाद निकाला है
विज्ञान से अधिक इसमें दर्शन का मसाला है
प्रत्यक्ष में ऐंटी वर्ल्ड लगता है कपोल कल्पित
ज्यूँ आज का महानतम वैज्ञानिक घोटाला है

वहाँ संसार के सभी नियम उलट जाते हैं
मंडे को चलकर गत सन्डे को आ जाते हैं
द्रुत गति से चलने वाले पहुँचते हैं देर से
शीर्षासन में खड़े लोग सीधे नज़र आते हैं

भीमकाय दानव फूल से हलके होते हैं
कोमलान्गियों का भार ट्रैक्टर ढोते हैं
आकाश में उड़ें तो पाताल पहुच जायेंगे
और कुँए के मेढक असमान में सोते हैं

हमने भी इस देश को ऐंटी-वर्ल्ड बनाया है
डिमेरित की पूछ और मेरिट का सफाया है
जिस देश में जन्मे थे गाँधी, बुद्ध और राम
आज असत्य स्वार्थ और कपट का साया है

२६ अक्तूबर २००९

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter