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विवाह

  मां

दुनिया का सबसे
प्यारा शब्द
जिसे सुनकर
सिर श्रद्धा से झुक
जाता है,
जिसकी मिठास
मिश्री से भी मीठी है
जिसकी गहराई
समुंदर की तरह,
जो धरती जैसा,
विशाल हृदय रखती है,
जिसकी नहीं है
दुनिया में कोई मिसाल
'मां' तू है बेमिसाल।
धरती पर हमें चलना।
सिखलाती
ज़िंदगी से लड़ना
बतलाती,
खुद विष पीकर
अमृत बांटने वाली
मां तुम शक्ति पुंज हो
ममता का अनूठा
कुंज हो।
25 जून
2006

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