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रोज़‌ हमेशा खुश रहो
विवाह

 

मशहूर

कठिन है रास्ता ये
मंज़िल है दूर
घबराना नहीं
ऐ राही,
नहीं है तू
मजबूर!
प्रयत्न करता जा
बस तू
करता ही जा,
लेकिन इसमें
लगन हो ज़रूर।
कामयाबी की
बुलंदी तू
छुएगा,
हो जाएगा
इस तरह
ऐ दोस्त!
तू भी एक दिन
मशहूर!

24 जनवरी 2007

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