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दिनेश ठाकुर

जन्म-
१०-१२-१९६३ को उदयपुर में।

शिक्षा-
स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई उदयपुर और सागर में हुई।

कार्यक्षेत्र-
१९८२ में राजस्थान पत्रिका में उप सम्पादक की हैसियत से पत्रकारिता की शुरुआत। बाद में नवभारत टाइम्स में दस साल तक मुख्य उप सम्पादक से लेकर समाचार सम्पादक तक का पद सँभाला। शायरी के अलावा सिनेमा और कला-संस्कृति पर भी लेखन। नवभारत टाइम्स में फ़िल्म समीक्षा का नियमित स्तंभ बेहद लोकप्रिय रहा। ग़ज़ले विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित और आकाशवाणी-दूरदर्शन से प्रसारित। कुछ ग़ज़लें जाने-माने गायक उस्ताद अहमद हुसैन-उस्ताद मोहम्मद हुसैन अपने मुख़्तलिफ़ एलबम में गा चुके हैं। पहला ग़ज़ल संग्रह 'हम लोग भले हैं कागज़ पर' २००० में प्रकाशित. दूसरा संग्रह जल्द आने वाला है।

संप्रति-
राजस्थान पत्रिका में वरिष्ठ समाचार संपादक।

ई-मेल- tha_dinesh@yahoo.co.in

 

अनुभूति में दिनेश ठाकुर की रचनाएँ-

नई रचनाओं में-
कुर्बतें खो गईं
काश ख़्वाबों में कभी
सुकूँ के सब वसीले
रूठ गया जाने क्यों हम से

अंजुमन में-
आईने से
आँगन का ये साया
ज़ख्म़ी होठों पे
जाने दिल में
गम मेरा
ढलती शाम है
तू जबसे मेरी
थक कर
दूर तक
नई हैं हवाएँ
बदन पत्थरों के
मुकद्दर के ऐसे इशारे
मुद्दतों बाद
रूहों को तस्कीन नहीं
शीशे से क्या मिलकर आए
सुरीली ग़ज़ल
हम जितने मशहूर
हम दीवाने
हर तरफ़

हो अनजान


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